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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के फायदे, सावधानियां व रेसिपीज | Orange For Babies In Hindi
IN THIS ARTICLE
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिला सकते हैं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा कब खिलाना शà¥à¤°à¥‚ करें? | Bachoo Ko Santara Dena Kab Shuru Kare
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फूडà¥à¤¸ से होने वाले रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨
संतरे के पोषण मूलà¥à¤¯
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसंतरे के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के नà¥à¤•सान
बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाते समय बरती जाने वाली सावधानियां
बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाने के तरीके
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसंतरे की रेसिपी
जब बचà¥à¤šà¥‡ बड़े होने लगते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरà¥à¤£ आहार की जरूरत होती है। 6 माह के बाद शिशॠको मां के दूध के अलावा थोड़े-बहà¥à¤¤ ठोस आहार देने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की जाती है (1)। इसमें सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को शामिल करना तो आवशà¥à¤¯à¤• है ही, साथ में फलों को शामिल करना à¤à¥€ जरूरी है। हालांकि, बचà¥à¤šà¥‡ को फल देने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° माता-पिता के मन में चलती है। अब बाजार में फल à¤à¥€ तो कई पà¥à¤°à¤•ार के हैं। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में à¤à¤• सामानà¥à¤¯ फल है संतरा। अब सवाल यह उठता है कि कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा दे सकते हैं? à¤à¤¸à¥‡ में मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम न सिरà¥à¤« बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के फायदे और नà¥à¤•सान बताà¤à¤‚गे, बलà¥à¤•ि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अनà¥à¤¯ कई जानकारियां à¤à¥€ साà¤à¤¾ करेंगे। इसलिठअंत तक यह लेख जरूर पढ़ें।
सबसे पहले इसका जवाब जानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाना चाहिठया नहीं।
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिला सकते हैं?
शिशॠके बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है। साथ ही शिशॠको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और मजबूत रहने के लिठविटामिन और मिनरलà¥à¤¸ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। à¤à¤¸à¥‡ में सेहत के साथ-साथ खाने को आकरà¥à¤·à¤• बनाने के लिठउनके खाने में रंग-बिरंगे सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फलों को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इसी लिसà¥à¤Ÿ में संतरे का नाम à¤à¥€ शामिल है। अनà¥à¤¯ फलों के साथ शिशॠके आहार में संतरे को शामिल किया जा सकता है (2)।
वहीं, संतरा सिटà¥à¤°à¤¸ फलों की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है, जिसमें विटामिन सी मौजूद होता है (3)। विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण में सहायक à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है और आयरन अवशोषण को बेहतर कर सकता है (4)। इस आधार पर माना जा सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाना à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ ऑपà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है।
अब लेख के इस à¤à¤¾à¤— में पढ़ें बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाने के सही उमà¥à¤° के बारे में।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा कब खिलाना शà¥à¤°à¥‚ करें? | Bachoo Ko Santara Dena Kab Shuru Kare
6 माह का होने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में मां के दूध के साथ अनà¥à¤¯ ठोस आहार à¤à¥€ शामिल किया जाना चाहिठ(5)। à¤à¤¸à¥‡ में 7 से 8 माह की उमà¥à¤° का होने पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं। दरअसल, जब बचà¥à¤šà¤¾ 7 से 8 माह की उमà¥à¤° का होता है, तो उसके आहार में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल करना जरूरी होता है। दरअसल, बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास के लिठउनके शरीर को कई तरह के विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ की जरूरत होती है। इसके लिठरंग बिरंगे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बचà¥à¤šà¥‡ के आहार का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनाया जा सकता है, जिसमें संतरा à¤à¥€ शामिल है (2)।
हालांकि, संतरा जैसे सिटà¥à¤°à¤¿à¤• फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का à¤à¥€ कारण बन सकते हैं (6)। इसलिठअगर बचà¥à¤šà¥‡ को संतरे के फल या जूस से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं है, तो ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाना शà¥à¤°à¥‚ करें। साथ ही लेख में आगे हम बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा देने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सावधानियों की जानकारी à¤à¥€ पाठकों के साथ साà¤à¤¾ करेंगे।
आगे हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फूडà¥à¤¸ से होने वाले रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जानकारी दे रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फूडà¥à¤¸ से होने वाले रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फूडà¥à¤¸ के सेवन से रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ देखे जा सकते हैं, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैंः
ओरल à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
संतरा सिटà¥à¤°à¤¸ वॠà¤à¤¸à¤¿à¤¡ फूडà¥à¤¸ की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है (7)। à¤à¤¸à¥‡ फलों में अमà¥à¤² की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जिस वजह से ये à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का à¤à¥€ कारण बन सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ को ओरल à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसमें तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर रैशेज (Anaphylaxis) हो सकते हैं। वहीं, सिटà¥à¤°à¤¸ फ़à¥à¤°à¥‚ट के सेवन के रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ समेत वयसà¥à¤•ों में à¤à¥€ हे फीवर (इसे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• राइनाइटिस à¤à¥€ कहते हैं) और असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (6)।
पेरिओरल डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
कà¥à¤› मामलों में संतरे जैसा खटà¥à¤Ÿà¤¾ फल खाने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ को पेरिऑरल डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Perioral Contact Dermatitis) कहा जाता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मà¥à¤‚ह के आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन और दाने हो सकते हैं (8)।
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम संतरे में पाठजाने वाले पोषक ततà¥à¤µ व उनकी मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
संतरे के पोषण मूलà¥à¤¯
यहां हम पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® संतरे के पोषक ततà¥à¤µ और उनकी मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में बता रहे हैं, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (9):
पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® संतरा में 86.75 गà¥à¤°à¤¾à¤® पानी, 47 केसीà¤à¤à¤² ऊरà¥à¤œà¤¾, 0.94 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, 0.12 गà¥à¤°à¤¾à¤® टोटल लिपिड (फैट), 2.4 गà¥à¤°à¤¾à¤® फाइबर (टोटल डायटरी), 9.35 गà¥à¤°à¤¾à¤® शà¥à¤—र और 11.75 गà¥à¤°à¤¾à¤® कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ मौजूद होता है।
वहीं मिनरल की बात करें, तो 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® संतरा में 40 à¤à¤®à¤œà¥€ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, 0.1 à¤à¤®à¤œà¥€ आयरन, 10 à¤à¤®à¤œà¥€ मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, 14 à¤à¤®à¤œà¥€ फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸, 181 à¤à¤®à¤œà¥€ पोटेशियम, 0.07 à¤à¤®à¤œà¥€ जिंक, 0.045 à¤à¤®à¤œà¥€ कॉपर और 0.5 à¤à¤®à¤œà¥€ सिलेनियम होता है।
इसके अलावा 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® संतरा में विटामिन à¤à¥€ होते हैं, जिनमें 53.2 à¤à¤®à¤œà¥€ विटामिन सी (टोटल à¤à¤¸à¥à¤•ॉरà¥à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡), 0.087 à¤à¤®à¤œà¥€ थियामिन, 0.04 à¤à¤®à¤œà¥€ राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨, 0.282 à¤à¤®à¤œà¥€ नियासिन, 0.06 à¤à¤®à¤œà¥€ विटामिन बी6, 0.18 à¤à¤®à¤œà¥€ विटामिन-ई, 11 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® विटामिन-à¤, 71 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® कैरोटीन (बीटा) और 11 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® कैरोटीन (अलà¥à¤«à¤¾) शामिल हैं।
साथ ही, संतरा की पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® मातà¥à¤°à¤¾ में 30 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® फोलेट, 8.4 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® कोलिन, 116 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤œà¥ˆà¤‚थिन , 129 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® लà¥à¤¯à¥‚टिन + जियाजैंथिन, 0.023 गà¥à¤°à¤¾à¤® फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (मोनोअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡), 0.015 गà¥à¤°à¤¾à¤® फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (टोटल सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡) और 0.025 गà¥à¤°à¤¾à¤® फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (पॉलीअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡) à¤à¥€ होते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के फायदे जानने के लिठपढ़ें यह à¤à¤¾à¤—।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसंतरे के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤
यहां पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के फायदे से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से दी गई है। हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि बचà¥à¤šà¥‡ को संतरे से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ न होने पर ही उसे संतरा खिलाà¤à¤‚। अब जानते हैं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के फायदे, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1.रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ाà¤
वयसà¥à¤• के मà¥à¤•ाबले, नवजात व छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होती है (10)। वहीं, संतरा के साथ ही संतरे के जूस में à¤à¥€ विटामिन सी की मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जो शरीर के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी हो सकती है (11)। इसके अलावा, संतरे के जूस में कैरोटीनॉयड (Carotenoids) और फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ (Flavonoids) होते हैं, जो काफी कम सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फलों में पाठजाते हैं। संतरे के जूस में मौजूद ये ततà¥à¤µ कैंसर और अनà¥à¤¯ गंà¤à¥€à¤° बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं (12)। à¤à¤¸à¥‡ में यह कहा जा सकता है कि संतरा या संतरे के जूस का सेवन बचà¥à¤šà¥‡ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के साथ-साथ गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है।
2.पेट के लिà¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ की परेशानी सामानà¥à¤¯ है। सही मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ न लेना या फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार न लेना इसके कारण हो सकते हैं (13)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में फाइबर के लिठसंतरे को शामिल किया जा सकता है। कई लोगों को जानकर हैरानी हो सकती है कि संतरा कबà¥à¤œ से तो राहत दिला ही सकता है, साथ ही साथ दसà¥à¤¤ में à¤à¥€ इसका सेवन उपयोगी हो सकता है। पेट के लिठसंतरे के फायदे यहीं तक सीमित नहीं, बलà¥à¤•ि संतरे के सेवन से बचà¥à¤šà¥‡ की à¤à¥‚ख à¤à¥€ बढ़ सकती है (14)। तो बचà¥à¤šà¥‡ के पेट को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठसंतरे को उनके डाइट में शामिल करना अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। हालांकि, अगर शिशॠको कबà¥à¤œ, दसà¥à¤¤ या गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
3.à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ यानी खून की कमी का सबसे आम कारण शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयरन नहीं होना होता है (15)। à¤à¤¸à¥‡ में शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयरन के अवशोषण के लिठविटामिन सी काफी उपयोगी हो सकता है (4)। इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• शोध में à¤à¥€ इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है कि संतरे का जूस अगर बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल किया जाà¤, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है (16)। वहीं, शरीर में बेहतर आयरन अवशोषण के लिठआयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के साथ विटामिन सी यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लेना à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है (17)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में बेहतर आयरन अवशोषण के लिठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खून की कमी के जोखिम से बचाने के लिठसंतरे को उनकी डाइट में शामिल करना अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है।
4.शरीर को उचित पोषण दे
अगर बचà¥à¤šà¥‡ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सही पोषक ततà¥à¤µ यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार न दिया जाठतो यह कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का कारण à¤à¥€ बन सकता है। पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शारीरिक और मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं व कमजोरी का जोखिम हो सकता है (18)। à¤à¤¸à¥‡ में पोषक ततà¥à¤µ यà¥à¤•à¥à¤¤ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ-साथ फल à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• हैं (19)। वहीं, संतरा à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ पोषक ततà¥à¤µ यà¥à¤•à¥à¤¤ फलों में से à¤à¤• है। संतरे में विटामिन à¤, सी, फोलेट, पोटेशियम, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फाइबर जैसे कई सारे जरूरी पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं (9)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को अनà¥à¤¯ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार के साथ संतरे का सेवन à¤à¥€ जरूर कराà¤à¤‚।
5.आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिà¤
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लगà¤à¤— 5.7 फीसदी बचà¥à¤šà¥‡ आंखों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान है, जिसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण विटामिन-ठकी कमी को माना जा सकता है। वहीं, इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठविटामिन-ठयà¥à¤•à¥à¤¤ आहार जैसे – संतरा और अनà¥à¤¯ नारंगी फल का सेवन करना लाà¤à¤•ारी हो सकता है (20)। वहीं, संतरे को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आंखों के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में à¤à¥€ रखा गया है। दरअसल, इसमें विटामिन सी à¤à¥€ मौजूद होता है, जो आंखों के लिठजरूरी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। वहीं लà¥à¤¯à¥‚टिन और जियाजैंथिन à¤à¥€ आंखों के लिठजरूरी पोषक ततà¥à¤µ हैं (21)। ये दोनों ततà¥à¤µ ही कà¥à¤› मातà¥à¤°à¤¾ में संतरे में मौजूद होता है (9)। à¤à¤¸à¥‡ में आंखों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठबचà¥à¤šà¥‡ के आहार में संतरे को शामिल किया जा सकता है।
6.कोलेजन बढ़ाने के लिà¤
संतरे का विटामिन सी शरीर में कोलेजन (Collagen- शरीर में मौजूद à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨) बढ़ाने में à¤à¥€ मदद कर सकता है। दरअसल, कोलेजन तà¥à¤µà¤šà¤¾, रकà¥à¤¤ वाहिकाओं और हडà¥à¤¡à¥€ को मजबूत करने के लिठजरूरी होता है। इतना ही नहीं, शरीर के घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठकोलेजन आवशà¥à¤¯à¤•ता होता है (22)। à¤à¤¸à¥‡ में देखा जाà¤, तो विटामिन सी यà¥à¤•à¥à¤¤ संतरे का सेवन बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के लिठकाफी लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
7.डायबिटीज से बचाव
आजकल बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में डायबिटीज का जोखिम à¤à¥€ बà¥à¤¤à¤¾ जा रहा है। खासतौर पर अगर बचà¥à¤šà¥‡ में बढ़ते वजन की समसà¥à¤¯à¤¾ है या परिवार में किसी को मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ है (23)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ में मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का जोखिम कम करने के लिठसंतरे का सेवन लाà¤à¤•ारी हो सकता है। संतरे में मौजूद à¤à¤‚टी डायबिटिक गà¥à¤£ के कारण इसके सेवन से डायबिटीज का जोखिम कम हो सकता है। वहीं, संतरा मोटापे के उपचार के लिठà¤à¥€ उपयोग किया जाता रहा है (14)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसंतरे को à¤à¤• गà¥à¤£à¤•ारी फल मान सकते हैं।
8.शरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखने के लिà¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर में पानी की कमी के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ (24)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाने के लिठपानी के साथ-साथ संतरा या संतरे के जूस का सेवन कराया जा सकता है। जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि संतरे का सेवन दसà¥à¤¤ की परेशानी में लाà¤à¤•ारी हो सकता है। इतना ही नहीं यह शरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखने में à¤à¥€ सहायक हो सकता है (14)।
à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण) के जोखिम को कम करने के लिठउनकी डाइट में संतरे को शामिल कर सकते हैं। हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि संतरे का सेवन डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव कर सकता है, इसका इलाज नहीं है इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ की डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की परेशानी में डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ उपचार को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दें। साथ ही इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ के डाइट के बारे में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानकारी लें।
आगे पढ़ें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के नà¥à¤•सान से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› जरूरी जानकारियों के बारे में।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संतरा खिलाने के नà¥à¤•सान
लगà¤à¤— हर खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¥€ के फायदे और नà¥à¤•सान दोनों होते हैं। इसी तरह संतरा खाने के अगर लाठहैं, तो इसके अधिक सेवन से कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं, जिनके बारे में हम नीचे जानकारी दे रहे हैं।
संतरा à¤à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• फल (खटà¥à¤Ÿà¤¾ या अमà¥à¤²à¥€à¤¯ फल) है, जिस वजह से संतरे का अधिक सेवन करने से सीने में जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (25)।
6 माह का होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को मां के दूध के साथ ही अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ आहार खिलाठजा सकते हैं। हालांकि, 6 माह के बाद मां के दूध के साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनà¥à¤¯ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ठोस आहार देने की à¤à¥€ जरूरत होती है (26)। à¤à¤¸à¥‡ में, इस दौरान थोड़ी सावधानी की à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ या फलों का जूस पिलाने से बचà¥à¤šà¥‡ का पेट जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤° सकता है। जिस वजह से वह मां का दूध या फारà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने से मना कर सकता है (27)।
संतरे में विटामिन-ठà¤à¥€ होता है (9)। वहीं, देखा जाà¤, तो बचà¥à¤šà¥‡ के लिठविटामिन-ठयà¥à¤•à¥à¤¤ संतरा या अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का अधिक सेवन नà¥à¤•सानदायक हो सकता है। दरअसल, अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन-ठके सेवन से चकà¥à¤•र आना, मतली या सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। साथ ही कà¥à¤› मामलों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग में à¤à¥€ बदलाव (तà¥à¤µà¤šà¤¾ का पीला या नारंगी होना) à¤à¥€ हो सकता है (28)। जिस वजह से बचà¥à¤šà¥‡ को विटामिन-ठयà¥à¤•à¥à¤¤ संतरा या अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ देने में सावधानी बरतनी चाहिà¤à¥¤
संतरा फाइबर से समृदà¥à¤§ होता है। वहीं, फाइबर के फायदे और नà¥à¤•सान दोनों हो सकते हैं। दरअसल, फाइबर का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन अपच, पेट में à¤à¤‚ठन और दसà¥à¤¤ का à¤à¥€ à¤à¤• कारण बन सकता है (29)। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाते समय उसकी उचित मातà¥à¤°à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤
संतरा खादà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का à¤à¥€ à¤à¤• कारण हो सकता है (6)। इस वजह से बचà¥à¤šà¥‡ में संतरे के सेवन से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का à¤à¥€ जोखिम हो सकता है।
लेख में यह पहले ही बता चà¥à¤•े हैं कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 संतरा में 53.2 à¤à¤®à¤œà¥€ विटामिन सी यानी à¤à¤¸à¥à¤•ॉरà¥à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है (9)। वहीं, शरीर में विटामिन सी की अधिकता दसà¥à¤¤, मतली, थकान, सिरदरà¥à¤¦, पेट में गैस और सोने में परेशानी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ à¤à¤• कारण बन सकता है (30)। इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ को संतरा कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में देना है, इसके लिठबाल रोग विशेषजà¥à¤ž की सलाह जरूर लें। बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसकी मातà¥à¤°à¤¾ में बदलाव हो सकता है।
फायदे और नà¥à¤•सान जानने के बाद अब संतरे के सेवन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जरूरी सावधानियां à¤à¥€ पढ़ें।
बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाते समय बरती जाने वाली सावधानियां
बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा या संतरे का जूस देते वकà¥à¤¤ कà¥à¤› सावधानियों का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना आवशà¥à¤¯à¤• है। नीचे हम à¤à¤¸à¥€ ही कà¥à¤› सावधानियों के बारे में जानकारी साà¤à¤¾ कर रहे हैं:
बचà¥à¤šà¥‡ को हमेशा ताजा और पका हà¥à¤† संतरा ही खिलाà¤à¤‚ और हरे रंग के कचà¥à¤šà¥‡ संतरे खिलाने से बचें।
बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाते समय संतरे के छिलके, रेशे और बीज को निकाल दें। इनका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ कड़वा होता है, जिस वजह से बचà¥à¤šà¤¾ संतरा खाने से मना à¤à¥€ कर सकता है। वहीं, संतरे के बीज बचà¥à¤šà¥‡ के गले में अटक सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को अगर संतरा खिला रही हैं, तो इसके छोटे-छोटे टà¥à¤•ड़े करके खिलाà¤à¤‚, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ को इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चबाने में आसानी हो और यह उनके गले में à¤à¥€ न अटके।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को संतरे के छोटे टà¥à¤•ड़े खाने में परेशानी होती है, तो बचà¥à¤šà¥‡ को संतरे का जूस या संतरे का पà¥à¤¯à¥‚री दे सकती हैं।
à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ संतरा चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठखरीदते समय संतरे को हलà¥à¤•ा दबाकर देंखे। अगर यह कड़ा है और इसके छिलके पीले या नारंगी है, तो इसे खरीदें। नरà¥à¤® होने या इसमें दाग होने पर इसे न खरीदें।
बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाने से पहले खà¥à¤¦ à¤à¥€ उसका à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ चख कर देखें। अगर इसका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मीठा है, तो ही इसे बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल करें।
जब बचà¥à¤šà¤¾ संतरा खाठतो हमेशा उसके साथ किसी बड़े वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¥€ होना चाहिà¤, ताकि वो बचà¥à¤šà¥‡ पर खाते वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रख सके।
आगे हम बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाने के तरीकों के बारे में बताने वाले हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाने के तरीके
अगर आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में संतरा शामिल करना चाहती हैं, तो यहां बताठगठतरीके आपके काम आ सकते हैं।
सबसे पहले बचà¥à¤šà¥‡ में संतरे के कारण किसी तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है या नहीं इसकी जांच करें। यह जानने के लिठशà¥à¤°à¥‚ में बचà¥à¤šà¥‡ को संतरे का à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š जूस पिलाà¤à¤‚। फिर 3 से 4 दिन तक का इंतजार करें। अगर इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ में संतरे के जूस से किसी तरह की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं होती है, तो ही इसे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जा सकता है।
शà¥à¤°à¥‚ में बचà¥à¤šà¥‡ को 2 से 3 दिनों के अंतराल पर 1 से 2 चमà¥à¤®à¤š संतरे का जूस पिला सकती हैं।
इसके बाद धीरे-धीरे उनके आहार में संतरे की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ा सकती हैं और संतरे के जूस के अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ को सीधे तौर पर संतरा खाने के लिठà¤à¥€ दे सकते हैं।
साथ ही संतरे से बनी अलग-अलग रेसिपी à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल कर सकती हैं।
चाहें तो फलों के सलाद में संतर मिलाकर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को खिला सकती हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में नाशà¥à¤¤à¥‡ या खाना खाने के बाद संतरा शामिल करना अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है।
लेख के आखिर में पढ़ें संतरे से बनी कà¥à¤› रेसिपी।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसंतरे की रेसिपी
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसंतरे के जूस के फायदे आपने लेख में पढ़ ही लिठहैं। अब लेख के इस आखिरी à¤à¤¾à¤— में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसंतरे से बनी कà¥à¤› लजीज रेसिपी बता रहे हैं। जिसे आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल कर सकती हैं।
1. संतरे का रस
सामगà¥à¤°à¥€ :
1 छोटा संतरा
आधा कप पानी
बनाने की विधि :
संतरे को छीलकर और इसके बीज निकालकर इसे जूसर में डालकर गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚ड कर लें।
फिर छनà¥à¤¨à¥€ की मदद से इसे छानकर इसका जूस अलग कर लें, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ के लिठतैयार किठगठसंतरे के रस में इसका गूदा या बीज के अंश न रहे।
अब इस जूस में आधा कप ताजा पानी मिलाà¤à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‡ को पीने के लिठदें।
2. संतरा और दही
Orange-For-Babies-In-Hindi
सामगà¥à¤°à¥€ :
1 छोटा संतरा
आधा कप दही
आधा चमà¥à¤®à¤š शहद (वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤•)
बनाने की विधि :
संतरे को छीलकर उसमें से बीज निकाल लें।
अब इसका गूदा मैश करें।
फिर इसे दही में अचà¥à¤›à¥€ तरह से मिला लें।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• साल से बड़ा है तो सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठइसमें आधा चमà¥à¤®à¤š शहद à¤à¥€ मिला सकते हैं।
अब इसे बचà¥à¤šà¥‡ को पीने के लिठदें।
नोट : 1 साल या उससे बड़ी उमà¥à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‡ को शहद खिलाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि 1 साल से छोटी उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में शहद बॉटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® (Botulism- खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से होने वाली दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी) का कारण बन सकता है (31)।
3. केले और संतरे का मैश
Orange-For-Babies-In-Hindi
Save
सामगà¥à¤°à¥€ :
पका हà¥à¤† à¤à¤• छोटा केला
à¤à¤• छोटे संतरे का रस
à¤à¤• कटोरी
à¤à¤• गिलास
बनाने की विधि :
à¤à¤• कटोरी में संतरे का रस और केले का गà¥à¤¦à¤¾ अचà¥à¤›à¥‡ से मैश करें।
फिर इसे à¤à¤• कटोरी या गिलास में निकाल लें।
अब इस तैयार संतरे और केले के मैश को बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚।
नोट: बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसंतरे के साथ अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग करने से पहले बचà¥à¤šà¥‡ में इनसे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच जरूर करें।
उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसंतरे के फायदे से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ यह लेख आपको पसंद आया होगा। साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसंतरे से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठऔर नà¥à¤•सान के बारे में à¤à¥€ उचित जानकारी à¤à¥€ मिली होगी। इसके अलावा, इस लेख में बताठगठसंतरे से बनी रेसिपीज बनाकर à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को खिला सकती हैं। हालांकि, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिहाज से बचà¥à¤šà¥‡ को संतरा खिलाने से पहले इसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांंच जरूर करें, ताकि इसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जोखिमों से बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख सकें। इसी तरह के अनà¥à¤¯ लेख पढ़ने के लिठव बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठकà¥à¤¯à¤¾ अचà¥à¤›à¤¾ है, इन विषयों के बारे में अहम जानकारी के लिठविजिट करते रहें मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ की वेबसाइट।
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